कहां जाता है जमानत का पैसा

कहां जाता है जमानत का पैसा

आजकल बहुत से लोग जेल जा रहे हैं , हर जगह जमानत की बात हो रही है। किसी को जमानत मिल रही है तो कोई जमानत मांग रहा है। आम आदमी पार्टी के बहुत से नेता जेल में है। सुप्रीम कोर्ट ने संजय सिंह को रिहा कर दिया है । जो भी निचली अदालत ने जमानत की अदालत ने जो भी शर्ते रखी थी उसके बाद उनकी पत्नी ने बेल बांड साइन किया।

अब आप सोच रहे होंगे कि क्या होता है ये बेल बॉन्ड ? क्या इसके साथ कोई पैसा भी जमा करवाना होता है। और अगर आरोपी सुनिश्चित समय पर नहीं पहुंचा तो इस पैसे का क्या होता है ?

तो हम लाये हैं जमानत से तमाम सवालों के जवाब:


जमानत से पहले आरोपी को कोर्ट की कस्टडी में रखा जाता है और कोर्ट से जमानत मिलने के बाद भी आगे की प्रक्रिया होती है जिसे पूरा किया जाता है । और फिर आगे भी कुछ शर्ते तय की जाती हैं जो कि अदालत की और से होती हैं।इसमें आपको एक बेल बॉन्ड को भरना होता है। परन्तु हर केस में ऐसा नहीं होता कि नकदी जमा करने की जरूरत पड़ती है।

चलिए पहले आपके मन के प्रश्न को हल करते है , कि आखिरकार क्या है जमानत?


इसमें दो लोग होते हैं जिसमे से एक जिसकी जमानत होनी है वो आरोपी और दूसरा वो जो जमानत लेता है । जैसे कि A कोई आरोपी है और B ने उसकी जमानत ली है । इसका मतलब यह है कि आरोपी की कस्टडी अब B के पास है। B कोर्ट को वादा बेल बॉन्ड के लिए कोर्ट को से वादा करता है कि A सभी शर्ते और नियमो का पालन करेगा । और यह भी कहता है कि आरोपी कोर्ट द्वारा दी गयी सभी तारीखों में हाजिर होगा ।

बेल बॉन्ड के लिए अदालत द्वारा एक राशि तय की जाती है जो कि सामान्य रूप से उसे नकद के रूप में जमा नहीं कराना पड़ती पर जमानत लेने वाले व्यक्तिको अपनी प्रॉपर्टी, गाड़ी या FD के डाक्यूमेंट्स को कोर्ट में जमा करवाना पड़ता यही । चलिए समझते हैं कि आरोपी A को 50 हजार रुपए के बॉन्ड पर जमानत मिली है तो B को इतने की प्रॉपर्टी, गाड़ी या FD के कागजात कोर्ट में देने होंगे।

Read More : Click Here

और उस वक्त क्या होता है जब आरोपी अपनी जमानत के दौरान अदालत की शर्तों का पालन नहीं करता है? या तय तारीखों पर कोर्ट में हाजिर नहीं होता है। या इस तरह के केस की जांच में एजेंसियों की या पुलिस की मदद नहीं करता , ऐसे हालात में बेल बॉन्ड के साथ जमा किए गए कागजात का इस्तेमाल कोर्ट करती है कोर्ट, प्रॉपर्टी, गाड़ी या FD से उन पैसों की वसूली भी करती है

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *