2000 के नोट के बदले 300 रूपए कमाने का धंधा चल रहा है

कानपुर में कई महीनो से 2000 के नोट के बदले 300 रूपए कमाने का धंधा चल रहा है

आप सबको पता है कि 2000 के नॉट अब बंद हो चुके हैं और यह नोट बाजार से भी अब गायब हो चुके हैं। परन्तु यूपी के कानपुर में बैंक से दो हजार के नोट चेंज के बदले महिलाओं के टीम रूपए के कमीशन देने का मसला उजागर हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार , यहाँ पर कुछ व्यापारी तीन -तीन सौ रूपए औरतो से दो -दो हजार के नोट बदलवा रहे थे । जब पुलिस को इस बात की खबर पता चली तो उन्होंने छपा मारा। परन्तु हुआ ऐसा कि व्यापारी तो वहां से भाग गए परन्तु महिलाओ को पुलिस ने हिरासत में ले लिया । पुलिस ने कहा कि इन महिलाओ से बीस – बीस हजार रूपए पाए गए । पुलिस ने सभी को पूछताछ शुरू कर दी।

पुलिस की पूछताछ के चलते महिलाओ ने बताया कि ये सिलसिला लगभग कई महीनो से चल रहा था। महिलाओ ने बताया कि एक शख्स आता है जो कि रिज़र्व बैंक के पास मिलता है जो उनको बीस हजार रूपए देता है और बाद में उनसे पैसे ले जाते हैं। जबकि पुलिस छानबीन शुरू की तो रिजर्व बैंक के बहार सत्तर से अधिक लोगों मिलने जिन सबके पास आधार कार्ड ले लिए गए हैं।

पुलिस ने बताया कि लाइन जो भी लोग खड़े थे वो सारे लगभग असहाय और बुजुर्ग थे जिनके आधार कार्ड पर दो हजार रूपए के नोट बदलने का काम किया जा रहा था। जो लोग वहां खड़े थे उसमे से एक महिल ने बताया कि उनके घर में कमाने वाला नहीं है। उनकी एक बेटी है जो तबियत से ठीक नहीं है इसलिए यहाँ पर पैसे बदलने आयी है।

इस पर ACP ने बताया :


कुछ महिलाओं को नोट चेंज करने के लिए लाया गया है , इनकी जांच की जा रही है। अभी कोई मामला दर्ज नहीं किया गया हैआगे उनके ब्यान में उन्होंने बताया कि अभी तक छह लोगों से पूछताछ हो चुकी है , जिसमें से दो लोगों को गिरफ्तार किया जा चूका है।
RBI एक्ट 1934 की धारा 24 (1) के तहत पहली बार साल 2016 के नवंबर में दो हजार के नोट जारी किये गए थे। उस समय पांच और एक हजार के नोट को बंद किया गया था परन्तु आर्थिक मुद्रा को जरुरत को देखते हुए सरकार ने दो हजार के नोट जारी किये गए।

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जब छोटे नोट की आपूर्ति हो गयी तो 2018 -19 में असहाय और बुजुर्ग थे जिनके आधार कार्ड 2000 के नॉट बनाना बंद कर दिए गए। और फिर RBI के हिसाब से 2000 के नोट 89 % नोट मार्च 2017 से पहले शुरू किये गए थे।

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