मेठी-रायबरेली को राहुल-प्रियंका की लोकसभा चुनाव लड़ने से आयी है बड़ी ना

आपको बता दें कि लोकसभा चुनाव के तीसरे चरण की वोटिंग 7 मई को होने जा रही है और कांग्रेस के द्वारा रायबरेली और अमेठी में कौन चुनाव लड़ेगा इसका फैसला अभी होना है । आपको याद दिला दें कि उत्तर प्रदेश के अवध अंचल की खास – खास सीटों पर पहले कांग्रेस की मोहर हुआ करती थी परन्तु अभी तक कुछ भी हल नहीं हुआ है । आलोचकों का तो ये मानना है कि कांग्रेस कहीं खुद ही कश्मकश में तो नहीं है कि इस सीट का दावेदार कौन होगा। पर खबर के अनुसार , कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा के 2024 के लोकसभा चुनाव लड़ने के चान्सेस नहीं नज़र आ रहे हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, प्रियंका गांधी हो रहे लोकसभा चुनावों में केवल कांग्रेस पार्टी के लिए केवल प्रचार करने के लिए शामिल होंगी। रिपोर्ट के अनुसार, कांग्रेस के सांसद राहुल गांधी के वायनाड से चुनाव लड़ने के बाद से अब अमेठी या रायबरेली से चुनाव लड़ने पर जो भी अंतिम फैसला होगा वह आने वाले चौबीस घंटो में लिया जायेगा।

इन सब में ये खबर सामने आयी है कि अगर यहाँ पर अमेठी में तीनो एक ही परिवार से उमीदवार हो जाएंगे तो , कांग्रेस पर पहले से ही परिवारवाद के आरोप लगते हैं उनको भी और हवा मिल जाएगी । इसलिए प्रियंका वाड्रा के इस बार यहाँ पर चुनाव लड़ने के चान्सेस कम बताये जा रहे हैं।

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रिपोर्ट्स का क्या कहना है ?

आज (27 अप्रैल को) वायनाड में वोटिंग हो रही है, आज रात राहुल गांधी वापस दिल्ली आएंगे। अगर राहुल लड़ेंगे, तो रायबरेली से लड़ेंगे अमेठी से नहीं। हालांकि, ये फ़ैसला गांधी परिवार करेगा।

केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में भले ही इस बात पर ज़ोर दिया गया हो कि कांग्रेस को दोनों सीटें लड़नी चाहिए, मगर पार्टी नेतृत्व ने इस सुझाव को बहुत उत्साह के साथ लिया नहीं , सोनिया गांधी इस बैठक में थीं , सबको सुना मगर कुछ कहे बिना ही चली गईं।

जब कांग्रेस के पार्टी अध्यक्ष मलिक्कार्जुन खरगे से पूछा गया कि राहुल गन्दी अमेठी की बजाय वायनाड से चुनाव लड़ने की आलोचना क्यों कर रहे हैं , तो उनका जबाब आया कि जो लोग सीट बदलने वालो पर सवाल कर रहे हैं उनको पहले ये याद करना चाहिए कि ल कृष्ण आडवाणी द्वारा कितनी बार अपनी सीटें बदली गयी थी

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