रूस ,कजाकिस्तान, ब्रिटेन,जर्मनी और इटली ये सब देश बन सकते हैं भारत की मालदीव बॉयकॉट की नीति में अड़चन

भारत के पीएम नरेंद्र मोदी पर मालदीव के कुछ मंत्रियों ने आपत्तिजनक टिपणी की थी जिसकी बजह से भारत के लोगों ने मालदीव पर्यटन से अपना मुँह फेर लिया है , मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार , यह विवाद की शुरुआत के बाद भारतीयों ने मालदीव जाने वाली 2500 फ्लाइट्स रद कर दी हैं इसके अलावा आठ हज़ार से ज्यादा होटल बुकिंग कैंसिल कर दिए गए।
इससे साफ है कि हिन्द महासागर में बसा ये मुस्लिम देश अब भारत के लोगों के निशाने पर आ चूका है। इंडियन असोसिएशन ऑफ़ टूर ओपेरट्स के मुताबिक अगले 20-22 दिनों तक इसका असर मालदीव पर दिखना शुरू होजाएग। इसके लिए बायकाट मालदीव ट्रेंड होने लगा।
अगर हम बात करें मालदीव के पिछले पर्यटक आंकड़ों की बात करें तो बता देते हैं कि पिछले साल यानि साल 2023 में सबसे ज्यादा पर्यटक इतिहास में विजिट करने आये हैं। साल 2023 में कुल 1,878,537 पर्यटक आए, इससे पहले 2016 में सोलह लाख पर्यटक आये। 2023 में भारत से मालदीव पर्यटक पहुंचे इसके साथ -साथ रूस भी बराबरी पर है। भारत और रूस के अलावा मालदीव जाने वाले देश थे , कजाकिस्तान, ब्रिटेन,जर्मनी और इटली से सबसे ज्यादा पर्यटक मालदीव जाते हैं। साल 2023 में चीन से 1,87,118 लोग आये।

Read More: Click Here

ब्रिटेन से 155,730 और जर्मनी से 135,090 पर्यटक मालदीव पहुंचे थे। इटली से भी 118,400 टूरिस्ट मालदीव पहुंच चुके हैं। आंकड़ों के मुताबिक, पिछले साल के अंत तक मालदीव में कुल 170रिसॉर्ट्स, 800 गेस्टहाउस, 140 सफारी और 12 होटल संचालित हो रहे थे।ये पांच देश भी काफी हैं जो मालदीव के पर्यटक को जिन्दा रख सकते हैं और भारत की मालदीव को सबक सिखाओ निति को खराब करने में मदद कर सकते है। इन दिनों मालदीव के राष्ट्रपति के दौरे पर हैं जो चीन से उनके यहाँ आने की गुहार लगा सकते हैं। और मालदीव ने इन सभी देशो की वीजा फ्री एंट्री रखी हुई है ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *