पाकिस्तान -ईरान के बीच संघर्ष से आया अशांति का समय

इस हफ्ते ईरान – पाकिस्तान के बीच में मिसाइएल हमले और लाल सागर में भारतीय नौववहन पर हमले उपमहाद्वीप और खाड़ी में असुरक्षा की स्थिति को उजागर करता है। दोनों देशो के बीच भू – विवाद बहुत समय से चल रहा है। यह एक ऐसे चरण की शुरुआत है जिसमे दोनों क्षेत्र एक दूसरे की सुरक्षा गणना में पहले से कहीं अधिक दिखाई पड़ रहे हैं। वो न भी चाहें तो भी भारत , पाकिस्तान , अफगानिस्तान अशांत मध्य पूर्व के भंवर में गहराई तक फंस जाएंगे।

सबसे पहले बलूच अल्पसंख्यकों जो सारे पाकिस्तान और ईरान में फैले हुये हैं और अब तेहरान और रावलपिंडी को अपना निशाना बनाने की कोशिश में लगे हुए हैं। बलूच समहू अपनी असंतुष्टता और दोनों राज्यों के खिलाफ वास्तविक शिकायतों के साथ पाक और ईरान की सीमा पर शरण लेते हैं। आपको बता दें की इस बजह से तेहरान और रावलपिंडी पर असर्क्षा का माहौल खड़ा हो जाता है।

दूसरा द्विपक्षीय से भिन्न है, असंतुष्ट समूह , अरबी , ईरान के बीच क्षेत्रीय सत्ता की राजनीती में फंस चुके हैं। बलूच भूमि में अनयंत्रित और अलप शासित एरिया तस्करी , नशीले पदार्थ की तस्करी और राजनितिक उग्रवाद के लिए उपजाऊ जमीन प्रदान करवाते हैं।
एक तरफ ईरान और उसके अरब पड़ोसियों और दूसरी ओर इजराइल के साथ गहरे रिश्ते और सीमा पार हस्तक्षेप को बढ़ावा देता है। पाकिस्तान अक्सर भारत पार बलूच के मामलो पर दखल देने का आरोप लगता है।
तीसरा क्षेत्रीय से अलग बलूचिस्तान की भू -राजनितिक स्थिति – इस तेल से समृद्ध खाड़ी के मुहाने पर भी इसे बड़े नए खेल का हिस्से बनाने में सक्ष्म है। बलूचिस्तान में बड़े लम्बे समय से चली आ रही अशांति से निपटने के लिए पाकिस्तान कठिनाइयाँ ग्वादर में बीजिंग की रणनीतिक उपस्थिति से और कठिन हो गयी हैं। ये बहुत हे चर्चित चीन -पाकिस्तान के आर्थिक गलियारे के मुख्य नोड्स में से एक है।

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चौथा आपको बता दें अफगानिस्तान और ईरान में काफी लम्बे समय से एक दूसरे में काफी समस्याएं चल रही हैं। उनमे से कुछ तालिबान शासन के तहत काफी तेज हो गए हैं। इनमे धार्मिक विचारधारा , अल्पसंख्यक अधिकार और सीमा पार नदियों को साझा करने पार मतभेद समीलित हैं। काबुल में तालिबान सरकार ने पाकिस्तान से अच्छे से निपटने के लिए काफी दृढ़ता दिखाई दी। आजादी और विभाजन के बाद पाकिस्तान इस क्षेत्र में शीत युद्ध गठबंधन में शामिल होने पर उस भूमिका का दावा है। ईरान और पाकिस्तान के बीच में होने वाले सीमा पार से होने वाले क्षेत्र की और इशारा कर रहे हैं।

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